Walk for health any time any where        Exercise daily for 45 minutes        Health is not automatic… work for it        Say no to excessive sugar, salt and fried food        Know your disease… .know your rights Manage stress before stress manages you        Follow doctors’ advice

emblem

निर्देशक डेस्क

निर्देशक डेस्क

केंद्रीय स्वास्थ्य शिक्षा ब्यूरो सन 1956 में स्थापित हुआ था। सीएचईबी छः दशकों से भी अधिक समय से देश भर में स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता पैदा करने का सराहनीय कार्य कर रहा है। यह देश में स्वास्थ्य शिक्षा और उसे बढ़ावा देने वाले कार्यक्रमों के लिए योजना बनाता है और उन्हें तैयार करता है। भारत स्वतंत्रता से अब तक स्वास्थ्य के क्षेत्र में उपलब्ध हुई महत्वपूर्ण प्रगति के लिए सही तौर पर गर्व महसूस करता है। ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में स्वास्थ्य देख रेख के लिए अस्पतालों से सुसमर्थित एक विशाल नेटवर्क तैयार हो गया है।
 

जबकि, बहुत हद तक सफलता प्राप्त हो चुकी है, चेचक पूर्णतः निर्मूल हो गयी है, पोलियो निर्मूल होने के कगार पर है, मातृ एवं शिशु मृत्यु दर में गिरावट आई है, आयु में वृद्धि हुई है और प्रमुख संक्रामक रोगों में कमी आई है, पर फिर भी अभी तक अत्यधिक जनसंख्या, पर्यावरण प्रदूषण, नए संक्रामक रोगों की उत्पत्ति और टीबी, एड्स जैसे अनेक रोगों के रूप में गंभीर चुनौतियों का सामना करना अभी शेष है। अभिघात देख रेख और जीवन शैली से संबंधित रोग जैसे कि हृदय रोग, मधुमेह, और कैंसर रोग तेज़ी से बढ़ रहे हैं। मानसिक रोगों के साथ साथ मदिरा पान एवं मादक पदार्थों के सेवन से जुड़ी समस्याएँ भी स्वास्थ्य संबंधी गंभीर चिंता का कारण बन रही हैं।
 

इसके साथ साथ, औद्योगीकरण के कारण और प्रदेशों और केंद्र शासित प्रदेशों में स्वास्थ्य स्तर में बढ़ती असमानता (भिन्न आर्थिक, सामाजिक और राजनैतिक कारणों से), भारत जैसे विकासशील देश आज संक्रामक रोगों के प्रति अधूरी कार्यवाही, जीवन शैली से संबंधित पैदा हो रहे असंक्रमक रोग और उभरते संक्रामक रोगों के “तीन तरफा बोझ” का सामना कर रहे हैं।
 

चूंकि हम अब एक नयी सहस्त्राब्दी की दहलीज पर खड़ें हैं, हमारे लिए समय आ गया है कि हम अपने लक्ष्यों और उपलब्धियों की समीक्षा करें। पहले की सफलताओं और असफलताओं से सीख लेने, और अन्तर को भरने के लिए अपने प्रयासों को सशक्त करने और स्वास्थ्य को बढ़ावा देने, बचावकारी बनाने, उपचारात्मक एवं पुनर्वास सेवाओं के सभी पहलुओं में समानता के प्रावधानों को सुनिश्चित करने का समय आ गया है। स्वास्थ्य को बढ़ावा देने और अच्छे स्वास्थ्य को बनाए रखने के लिए किसी व्यक्ति और समुदाय के उत्तरदायित्व के बारे में लोगों में जागरूकता को बढ़ाने की आवश्यकता है। हम सभी एक साथ मिलकर प्रत्येक नागरिक के लिए सर्वोत्कृष्ट स्वास्थ्य सुनिश्चित करें, जो कि उनका मौलिक अधिकार है।